सैय्या ना करो इतनो गुमान रे
पैय्या परुंगी सौ सौ बार रे
दिनरंग की तुम एक ना मानी
मानी सौतन की सारी बतिया
- राग मालकंस, तीनताल
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Wednesday, December 2, 2009
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