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Tuesday, December 15, 2009

मालकंस सब गुनिजन गावत (lakshan geet)

मालकंस सब गुनिजन गावत
मध्यरात्री मधुर सुर आलापत

रिषभ पंचम वर्जित स्वर हे
सा संवादी ओड़व सब गावत

- राग मालकंस, लक्षणगीत

Wednesday, December 2, 2009

सैय्या ना करो इतनो गुमान रे

सैय्या ना करो इतनो गुमान रे
पैय्या परुंगी सौ सौ बार रे

 दिनरंग की तुम एक ना मानी
 मानी सौतन की सारी बतिया

- राग मालकंस, तीनताल

Tuesday, December 1, 2009

घूंगर बाजे रे सजनी

घूंगर बाजे रे सजनी
सदारंग को नाच करी

ममदसा प्रिया की
नाचतरी रे सजनी
नाचतरी रे सजनी

- राग हंसध्वनी , तीनताल

डार डार पागन पर

डार डार पागन पर
कोयलिया बोले

रुतु बसंत में उमगे
नए रुतु नए फूल
फूल बनके डार देखो
सुध-बुध बिसराई

- राग हंसध्वनी, एकताल

सखी वनमाली

सखी वनमाली
विहार विपिन मझूरी

निरखत द्रुम फल - फूल
हरियाली झुकरही

- राग हंसध्वनी , एकताल

Tuesday, November 3, 2009

जय शिव शंकर, जय गंगाधर - भजन

जय शिव शंकर, जय गंगाधर
करुणाकर करतार हरे
जय कैलासी जय अविनाशी
सुखदासी सुखसार हरे

जय शशीशेखर जय डमरुधर
जय जय प्रेमाकार हरे
जय त्रिपुरारी जय मदहारी
अमित अनंत अपार हरे

जय रामेश्वर जय नागेश्वर
वैद्यनाथ केदार हरे
काशीपति श्री विश्वनाथ जय
मृत्युंजय अविकार हरे

- राग शंकरा भजन

शंकर शिव गंगाधर

शंकर शिव गंगाधर
गौरीधर सुखसागर

गौरतनु हास्यवदन
मदन दहन व्याघ्रासन
कर दर्शन हे पावन
सकल जीव सुर मुनिवर

- राग शंकरा